सीतापुर (संवाददाता)। किसी भी संभावित प्राकृतिक या अप्राकृतिक आपदा से निपटने और आपात स्थिति में त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिले भर में वृहद मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में जनपद की चार तहसीलों सदर, सिधौली, बिसवां और महमूदाबाद में भूकंप, रासायनिक रिसाव और भीषण अग्निकांड जैसे तीन अलग-अलग परिदृश्यों पर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रभावी अभ्यास किया गया।
चार तहसीलों में विभिन्न विभागों का साझा मोर्चा.मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल और फील्ड रिस्पांस टाइम को परखा गया। पुलिस, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत, लोक निर्माण विभाग, राजस्व, होमगार्ड, पीआरडी, एनसीसी, स्काउट गाइड और आपदा मित्रों की टीमों ने आधुनिक उपकरणों के साथ अभ्यास में हिस्सा लिया। निर्धारित समय पर सभी टीमें अपने-अपने चिन्हित स्थलों पर पहुंचीं और आपात स्थिति में मिलने वाले दायित्वों का सजीव प्रदर्शन किया।
राहत शिविर और फील्ड अस्पताल स्थापित.चिन्हित स्थलों पर तत्काल इंसिडेंट कमांड पोस्ट, स्टेजिंग एरिया, मेडिकल कैंप और रिलीफ कैंप तैयार किए गए। अभ्यास के दौरान मलबे में फंसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, फील्ड अस्पताल में त्वरित प्राथमिक उपचार देने, आग पर तेजी से काबू पाने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने का सफल पूर्वाभ्यास हुआ। इसके साथ ही विद्युत आपूर्ति को तत्काल सुरक्षित करने की प्रक्रियाओं को भी बारीकी से परखा गया।
लखनऊ मुख्यालय से सीधी निगरानी.पूरे अभ्यास के दौरान जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर सक्रिय रहा और राज्य इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर, लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखा गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मैनपावर और राहत-बचाव उपकरणों की कार्यप्रणाली का स्थलीय परीक्षण किया। अपर जिलाधिकारी/प्रभारी अधिकारी दैवीय आपदा ने बताया कि इस अभ्यास से आपातकालीन परिस्थितियों में विभागों के त्वरित रिस्पांस और आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिली है।



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